यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को हूती बलों ने यमन के अदन स्थित अल-मआशिक राष्ट्रपति महल को निशाना बनाया। इस हमले में दो सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए। अल अरबिया की रिपोर्ट के अनुसार, यमन के युवा मंत्री नायेफ सालेह अल-बकरी ने बताया कि अदन में मौजूद कैबिनेट के सभी मंत्री सुरक्षित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमले के बावजूद सरकार के सदस्य शहर नहीं छोड़ेंगे।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब हूती आंदोलन और सऊदी अरब के बीच सैन्य टकराव लगातार बढ़ रहा है। हूतियों ने एक दिन पहले सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों और रियाद स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाने का दावा किया था।
सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों और हवाई अड्डे पर हमले का दावा
बुधवार को हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि संगठन ने बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन की मदद से सऊदी अरब में कई ठिकानों पर हमले किए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में सरी ने कहा कि इन हमलों में पूर्वी प्रांत स्थित सऊदी अरामको के प्रतिष्ठानों, रास तनुरा रिफाइनरी और रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया। हूती प्रवक्ता के मुताबिक, इन हमलों के कारण लक्षित ठिकानों पर तबाही हुई और आग लग गई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
सरी ने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में सऊदी अरब के खिलाफ हूती अभियान जारी रहेंगे। उन्होंने हवाई अड्डों और तेल प्रतिष्ठानों को संभावित निशाना बताते हुए अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों, आम नागरिकों और संबंधित प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों को इन जगहों से दूर रहने की सलाह दी। हूतियों ने इन ठिकानों को अपने सशस्त्र बलों के लिए 'वैध लक्ष्य' बताया।
सऊदी गठबंधन ने सना में तेल कंपनी के स्टेशन को खाली करने की दी थी चेतावनी
तनाव बढ़ने के बीच सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने मंगलवार को यमन की राजधानी सना में हूतियों के नियंत्रण वाले क्षेत्र स्थित यमन ऑयल कंपनी के अल-सबाहाह सेंट्रल स्टेशन को खाली करने का निर्देश दिया था। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने संभावित सैन्य कार्रवाई से पहले नागरिकों को परिसर छोड़ने की अपील की थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संबंधित स्थल का एक सांकेतिक नक्शा भी साझा किया था।
वहीं, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया कि उसने दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के खमिस मुशैत की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया। इसके अलावा, रियाद के उत्तर में तीन मानवरहित हवाई वाहनों यानी ड्रोन को निष्क्रिय करने की भी जानकारी दी गई। दूसरी ओर, हूतियों ने एक सऊदी टोही विमान को मार गिराने का दावा किया। इन दावों की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
लाल सागर और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर बढ़ी चिंता
यमन में ताजा घटनाक्रम ने क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। खासतौर पर लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। यह जलमार्ग अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
गौरतलब है कि यमन में संघर्ष वर्ष 2014 में तेज हो गया था, जब हूतियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया था। इसके बाद वर्ष 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन की सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया।
(इनपुट- ANI)
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